SCHOOL JOINS HAND WITH SEARCH FOUNDATION

 

Kanpur. Dr Sonelal Patel Sr Sec School has joined hands with Search Foundation to achieve humanitarian objectives towards child care. Mrs Nighat Khan Principal of the school and Sr K.N.Singh Director Search Foundation addressed an assembly of school students to make them aware for needs of underpriviledged children. Mr K N Singh requested to raise donation for such children of the society.
Students participated in donation raising with enthusiasm and collected handsome amount of ₹19500.00 . Search Foundation is thankfull to the institution .

 

खाने के साथ छाछ शरीर के ​लिए फायदेमंद

खाने में बैलेंस्ड डाइट की बात कहीं जाती है। लेकिन इसके साथ इसे खाने के सही कंबीनेशन की भी जानकारी होनी चाहिए। यानी किस-किस चीज को एक साथ खाना चाहिए और किस चीज को नहीं। हम भोजन में कई चीजों को एक साथ खाना पसंद करते हैं। लेकिन खाने में कुछ चीजों को एक साथ खाना फायदे की जगह का नुकसानदेय भी हो सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस चीज के साथ क्या खाना चाहिए और किस चीज के साथ क्या नही खाना चाहिए।

आयुर्वेद में अच्छा भोजन उसे कहा जाता है जो स्निग्ध, यानी चिकनाई युक्त हो, लघु यानी कि हल्का और आसानी से पच जाने वाला हो व ऊष्ण हो यानि गर्म। इस तरह का खाना पाचन बढ़ाता है और पेट साफ रखता है। शरीर का पोषण करता है और आसानी से पच जाता है। तो आइये जानते है कि किस चीज को साथ खाना चाहिए और किस चीज को साथ नहीं खाना चाहिए।

दूध और तला-भुना

दूध में मिनरल और विटामिन के अलावा लैक्टोस और प्रोटीन होता है। इसके अलावा एक एनिमल प्रोटीन होता है। उसमें ज्यादा मिक्सिंग करेंगे तो रिएक्शन हो सकता है।

बर्गर-कोल्ड ड्रिंक्स
कोल्ड में मौजूद एसिड की मात्रा और ज्यादा शुगर फास्ट फूड में मौजूद फैट के साथ अच्छा नहीं माना जाता है। तला-भुना खाना एसिडिक होता है और शुगर भी एसिडिक होता हैं।

दूध के साथ फल
दूध के साथ फल लेते हैं तो दूध के अंदर का कैल्शियम फलों के कई एंजाइंम को एब्जार्ब और उनका पोषण शरीर को नहीं मिल पाता है। संतरा और अन्नानास से खट्टे फल तो दूध के साथ बिल्कुल नहीं लेने चाहिए।

खाने के साथ छाछ
छाछ बेहतरीन डिंक हैं। खाने के साथ इसे लेने से पाचन अच्छा होता है। और शरीर को पोषण भी मिलता है। इसमें अगर एक चुटकी काली मिर्च, जीरा व सेधा नमक मिला लिया जाए तो और अच्छा है। इसमें अच्छे बैक्टीरिया भी होते हैं।

लहसुन और हल्दी खाएं, सीने का दर्द दूर भगाएं

सीने में दर्द होना गंभीर समस्या है। इसमें लोगों को अक्सर लगता है कि दिल की कोई बीमारी तो नहीं हो गई। सीने में दर्द होना सिर्फ हार्ट अटैक को नहीं दर्शाता है बल्कि आपको संकेत देता है कि आपको अपना आहार बदलने का समय आ गया है। भोजन में वसा युक्त या पोषण रहित चीजों का अभाव हो रहा है। इस प्रकार की चीजों को खाने में सीने में दर्द हो रहा हैं । यहां कुछ स्पेशल फूड बताए जा रहे हैं जो आपको इस समस्या से बचा सकते हैं।

 

लहसुन- लहसुन के सेवन से सीने में जलन, दर्द, एसिड बनने की समस्या, कफ, बलगम दूर होता है। रोज सुबह उठकर लहसुन की एक कली खाने से सीने में होने वाली जलन और दर्द समाप्त हो जाता है।

 

मैथी के दाने- रात में मैथी के दानों को भिगों दें। सुबह उठकर दानों को निथार ले और उसका पानी पी जाएं। इससे सीने में होनी वाली जलन और दर्द समाप्त होगा।

 

हल्दी- हल्दी में कई जीवाणओं को मारने का गुण होता हैं। जो कई तरह के रोगों को सही करने में फायदेंमंद होती हैं। सीने में दर्द या कोई अन्य समस्या होने पर हल्दी का सेवन फायदा पहुंचाता है। इसे खाने में मसाले के रूप मे या दूध में डालकर पिया जाता है।

 

तुलसी– तुलसी में दिल को दुरूस्त और स्वस्थ बनाएं रखने का गुण होता है। सुबह-सुबह तुलसी की पत्तिया खाने से शरीर में मैग्निशियम की मात्रा अच्छी हो जाती है।

 

मुलेठी- मुलेठी एक तरह की बूटी है। जिसे खरास होने पर अक्सर चूसा जाता था। इसे चूसने से निकलने वाला रस छाती में आरात पहुंचाता है। साथ ही पाचन क्रिया संबंधी समस्या को दूर भगाता है।

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एनिमिक हैं तो खाएं सेब और अनार

आपके खून में लाल रक्त कणिकाओं की कमी है और हीमोग्लोबिन का स्तर भी कम है तो कुछ ऐसे फल है जिन्हे खाकर आप एनिमिक से बच सकते हैं ।

 

आलू बुखारा- आलू बुखारा और इसका रस ऑयरन का बहुत अच्छा स्रोत है। एनिमिया के उपचार के लिए उत्तम फल है। नाश्ते में रोज आलू बुखारा शामिल करें।

 

सेब- सेब उन फलों में से एक है जो ब्लड काउंट बढ़ाने में सहायक होता है। सेब में विटामिन सी होता है जो शरीर में नॉन हेम ऑयरन अवशोषित करने में मदद करता है।

 

कीवी- कीवी में विटामिन सी काफी मात्रा में पाया जाता है। अगर आप एनिमिक हैं तो और ऑयरन की गोलिया खां रहे हैं तो आपको गोलियों के साथ कीवी भी खाना चाहिए।

 

मुसम्मी- मुसम्मी में विटामिन सी काफी मात्रा में पाया जाता है। अगर आप एनिमिया से पीडि़त है तो एनिमिया का सेवन जरूर करें। इसका जूस भी पी सकते हैं।

 

केला- शरीर में नई कोशिकाओं के निर्माण और रखरखाव में फोलिक एसिड बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह एनीमिया के उपचार में बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह एनीमिया के उपचार में भी बहुत मदद करता है।

 

अनार- अनार विटामिन सी और ऑयरन का बहुत पाया जाता है। यह शरीर में न केवल रक्त प्रवाह को बढ़ाता है बल्कि एनीमिया में फायदा पहुंचाता है।

 

संतरा- खट्टे फल विटामिन सी का बहुत अच्छा स्रोत होते है। संतरे में विटामिन सी बहुत पाया जाता है। इसका उपयोग करके विटामिन सी बचा जा सकता है।